के वि वायु सेना स्थल आमला जिला बैतूल की शुरुआत 1953 में एयर फ़ोर्स स्टेशन आमला के तहत टंडन कैंप आमला में ‘नरेंद्र हायर सेकेंडरी स्कूल’ के तौर पर हुई थी। स्कूल को 1956 में एम पी बोर्ड से पहली बार आधिकारिक मान्यता मिली। यहाँ विज्ञान, एवं वाणिज्य, संकाय में 12वीं कक्षा तक के छात्रों की पढ़ाई होती थी जिसे बाद में 1965 में स्थायी मान्यता मिली। 1 मई 1964 को इसे सेंट्रल स्कूल (अभी के वि) के तौर पर शामिल किया गया। यह उन शुरुआती 20 रेजिमेंटल स्कूलों में से एक था जिन्हें 1963-64 में डिफेंस कर्मियों के बच्चों की शिक्षा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए शुरू किया गया था। पुराने कैंपस में टंडन कैंप आमला में 3 एकड़ ज़मीन आवंटित की गई थी। स्कूल की मौजूदा बिल्डिंग एयर फ़ोर्स स्टेशन आमला के अंदर है, जो आमला रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किमी और टंडन कैंप वाले पुराने कैंपस से 2 किमी दूर है।
नई बिल्डिंग का उद्घाटन 17 फरवरी 1979 को एयर वाइस मार्शल ए. विश्वनाथन (PVSM, AVSM) द्वारा किया गया था।
1976 में 11वीं कक्षा में साइंस और ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम और 1997 में 11वीं कॉमर्स शुरू की गई। 12वीं साइंस और ह्यूमैनिटीज का पहला बैच 1977 में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल हुआ। 12वीं कॉमर्स का पहला बैच 1998 में शामिल हुआ।
अभी के वि वायु सेना स्थल आमला पहली से 12वीं कक्षा तक 3-सेक्शन वाला स्कूल है, जिसमें साइंस, कॉमर्स और मानविकी संकाय हैं एवं वर्तमान मे 1360 से ज़्यादा छात्र हैं। इसे वर्ष 2023 मे पीएम श्री के पहले चरण में पीएम श्री के वि के तौर पर अपग्रेड किया गया है। पीएम श्री स्कीम के तहत, के वि वायुसेना स्थल आमला को इनोवेटिव डिजिटल क्लासरूम में बदल दिया गया है, जहाँ प्रत्येक क्लासरूम में इंटरैक्टिव पैनल युक्त AV रूम, कंप्यूटर लैब, फिजिक्स लैब और एटीएल लैब की सुविधा है। विद्यालय मे कौशल विकास हेतु एक व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रयोग शाला की स्थापना पी एम श्री योजना द्वारा प्रदत्त आर्थिक सहायता से व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रयोग शाला की स्थापना 2026 मे हुई है।
